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जिला भदोई का नाम बदला अब होगा संत रविदास नगर होगा योगी सरकार ने लिया फैसला

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 Ravi Gangwar  भदोई का नाम फिर हुआ संत रविदास नगर  संत रविदास नगर  ये पांचवीं बार है जब इस जिले का नाम बदल गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जिले के नाम में जुड़ा हुआ भदोही शब्द हटाते हुए संत रविदास नगर कर दिया है। नाम बदलते ही जिले की सियासत गर्माने लगी है। 30 जून 1994 को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने काशी नरेश विभूति नारायण की मौजूदगी में जीआइसी मैदान में भदोही को 65 वां जिला बनाया था। लंबे समय से जिला बनाने की मांग लोगों की पूरी हो गई थी लेकिन चार दिसंबर 1997 को पूर्व मुख्यमंंत्री मायावती ने जौनपुर जिले से भदोही में जोड़ी गई बरसठी तहसील को भदोही जिले से हटाकर जौनपुर में शामिल करते हुए भदोही का नाम संत रविदास नगर कर दिया था। भदोही नाम हटने पर फिर से लंबा आंदोलन चला। ये आंदोलन बहुत उग्र हुआ था। उसके बाद 1999 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और पूर्व मुख्यमंत्री रामप्रकाश गुप्ता ने 12 नवंबर 1999 को संत रविदास नगर के साथ भदोही नाम जोड़ दिया। आंदोलन समाप्त हो  गया था। लेकिन सपा की अखिलेश सरकार ने छह दिसंबर 2014 को फिर से इसे ...

रवि गंगवार (Ravi Gangwar) जी का परिचय {जीवनी} बायोग्राफी

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नाम             : श्री रवि गंगवार (Ravi Gangwar) जन्मतिथि      : 08/07/1993 पिता का नाम : श्री लाखन सिंह गंगवार  माता का नाम : श्रीमति रामा देवी पटेल दादा जी        : कुंवर श्री राम प्रसाद गंगवार दादी जी        : श्रीमति कौशल्या पटेल पत्नी का नाम : श्रीमती नीतू गंगवार सुपुत्र नाम      : श्री जीशू गंगवार  सुपुत्री नाम     : सुश्री वेदान्तिका पटेल  भतीजा         :  वेदांश पटेल भाई का नाम  : श्री नरेश गंगवार (राजनीतिज्ञ), श्री सुरेश कुमार गंगवार (सिंगर) बहन            : दीक्षा गंगवार पता              : ग्राम और पोस्ट बल्ली, जिला : नाथ नगरी बरेली, उत्तर प्रदेश, भारत  व्यवसाय; मोटिवेशनल, इतिहास, ट्रेडिशनल, पोलिटिकल लेखक रवि गंगवार जी बहुत ही गहन अध्ययन करने के बाद ही कोई भी लेख प्रकाशित करते हैं। उनके ये लेख दिल की गहराइयों में उतर जाते हैं। वह एक फार्मास्...

हिंदू धर्म उद्गम:हिंदू राजाओं ने दूसरे देशों पर आक्रमण क्यों नहीं किए

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Ravi Patel  यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य है कि भारतीय इतिहास में हिंदू  राजाओं ने मुख्य रूप से भारतीय उपमहाद्वीप के भीतर ही अपने साम्राज्यों का विस्तार किया और उपमहाद्वीप के बाहर किसी अन्य देश पर लूटपाट या जबरन कब्जे के उद्देश्य से बड़े सैन्य आक्रमण नहीं किए। क्योंकि वह ये भी मानते थे कि ये सब हमसे ही अलग हुए हैं और कभी न कभी हमारे साथ आ जाएंगे।  क्योंकि इतिहास के अनुसार वैदिक काल में ही सनातन धर्म को कुछ अलग अवधारणा रखने वाले लोगों ने बांटना शुरू किया था। जो आगे चलकर कई धर्म बन गए। सनातन धर्म से अलग होने बाला पहला धर्म हिंदू धर्म है जो हुबहू सनातन धर्म का ही पालन करता है। इस हिंदू शब्द को वेदों से ही लिया गया है। कैसे हुआ हिंदू धर्म का उद्गम: सनातन धर्म को मानने भले सभी लोग कुछ न कुछ व्यवसाय करते थे लेकिन साक्षर 99 परसेंट हुआ करते थे। इन्हीं सबसे ज्यादा पड़े लिखे लोगों के लिए उनके सबसे बड़े गुरु बृहस्पति ने हिंदू उपाधि दी। और आगे चलकर इसे हिंदू धर्म के रूप में स्वीकार कर लिया गया। क्योंकि हिंदू का अर्थ होता है अज्ञानता को दूर करने वाला। बृहस्पति आगम में हिंदू श...