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कुछ इतिहास जो दर्शाते है कि सनातन धर्म सबसे पुराना है

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Ravi Patel दुनिया के सबसे प्राचीन ग्रन्थ ऋग्वेद  कालक्रम (Timeline) में अंतर: वैश्विक विद्वानों के अनुसार, ऋग्वेद की लिखित रचना का प्रारंभिक काल लगभग 4000 ईसा पूर्व (BCE) से 3500 ईसा पूर्व के बीच माना जाता है (कुछ भारतीय विद्वान इसे इससे भी कहीं अधिक पुराना मानते हैं)। इसके विपरीत, अवेस्ता के सबसे प्राचीन भाग यानी 'गाथा' (Gathas) की रचना लगभग 800 ईसा पूर्व से 600 ईसा पूर्व के आसपास मानी जाती है।  भाषा की प्राचीनता (Archaic Language): ऋग्वेद की 'वैदिक संस्कृत' भाषा, अवेस्ता की 'अवेस्तन' भाषा की तुलना में अधिक प्राचीन और अपने मूल रूप के करीब है। भाषा विज्ञान का नियम है कि समय के साथ शब्दों के उच्चारण बदलते हैं। उदाहरण के लिए, वैदिक संस्कृत का प्राचीन 'स' ध्वनि अवेस्तन भाषा में बदलकर 'ह' हो गई (जैसे: सप्त सिंधु बन गया हप्त हिंदू, और असुर बन गया अहुर)। इससे प्रमाणित होता है कि ऋग्वेद पहले अस्तित्व में आया। सांस्कृतिक विकास का क्रम: ऋग्वेद में जिन प्राकृतिक देवताओं (जैसे इंद्र, मित्र, वरुण, अग्नि) की स्तुति की गई है, वे बहुत प्राचीन रूप में हैं। अवेस...

कुर्मी राजा जयलाल सिंह और बेगम हजरत महल की जोड़ी 1857 की क्रांति के महानायक,,,,महाराजा तुलसी कुर्मी

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Ravi Patel 1857 की प्रथम स्वाधीनता क्रांति में बेगम हज़रत महल और राजा जय लाल सिंह (Raja Jai Lal Singh) की जोड़ी ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ अवध (लखनऊ) में विद्रोह का सबसे मजबूत मोर्चा संभाला था. राजा जय लाल सिंह, बेगम हज़रत महल की सेना के मुख्य सेनापति (Commander-in-Chief) और उनके सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार थे. इन दोनों महानायकों का ऐतिहासिक संबंध और 1857 की क्रांति में इनका योगदान इस प्रकार है: 👑 सेनापति की नियुक्ति और "नुसरत जंग" की उपाधि भरोसेमंद नेतृत्व: जब अंग्रेजों ने नवाब वाजिद अली शाह को बंदी बनाकर कलकत्ता भेज दिया, तब बेगम हज़रत महल ने हार नहीं मानी. उन्होंने अपने 11 वर्षीय नाबालिग पुत्र बिरजिस क़द्र की ताजपोशी कर अवध की कमान संभाली. [1, 4, 5] ताजपोशी और जिम्मेदारी: ब्रिटिशों के खिलाफ सैन्य मोर्चे को मजबूत करने के लिए बेगम ने आजमगढ़ के अवधिया-कुर्मी राजवंश से ताल्लुक रखने वाले वीर योद्धा राजा जय लाल सिंह को अपना मुख्य सेनापति नियुक्त किया. ताजपोशी की पूरी रस्म भी उन्हीं की देखरेख में संपन्न हुई थी. [2, 5, 6, 7] शाही उपाधि: राजा जय लाल की वीरता और प्रशासनिक सूझब...