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रवि पटेल ," ravivnshi.blogspot.com "

काफिरिस्तान के काफिरों का नाम सुना है क्या आपने चलो जानते हैं इनके इतिहास और वर्तमान को

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Ravi Patel काफिरिस्तान के काफिरों का नाम सुना! चलो जानते हैं इनके इतिहास और वर्तमान को काफिरिस्तान के काफिर… काफिरिस्तान का नाम सुने हैं ?? पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर एक छोटा सा इलाका है यह। बड़ा ही महत्वपूर्ण क्षेत्र ! जानते हैं क्यों ?? क्योंकि आज से सवा सौ वर्ष पूर्व तक वहाँ विश्व की सबसे प्राचीन परंपरा को मानने वाले लोग बसते थे। रुकिए ! हिन्दू ही थे वे, पर हमसे थोड़े अलग थे। विशुद्ध वैदिक परम्पराओं को मानने वाले हिन्दू… सूर्य, इंद्र, वरुण आदि प्राकृतिक शक्तियों को पूजने वाले वैदिक हिन्दू… वैदिक काल से अबतक हमारी परम्पराओं में असँख्य परिवर्तन हुए हैं। हमने समय के अनुसार असँख्य बार स्वयं में परिवर्तन किया है, पर काफिरिस्तान के लोगों ने नहीं किया था। बड़े शक्तिशाली लोग थे काफिरिस्तान के! इतने शक्तिशाली कि मोहम्मद बिन कासिम से लेकर अहमद शाह अब्दाली तक हजार वर्षों में हुए असँख्य अरबी आक्रमणों के बाद भी वे नहीं बदले। वर्तमान अफगानिस्तान के अधिकांश लोग अशोक और कनिष्क के काल में हिन्दू से बौद्ध हो गए थे। आठवीं सदी में जब वहाँ अरबी आक्रमण शुरू हुआ तो ये बौद्ध स्वयं को पच्चीस वर्षों तक...

इतिहास की किताबों से क्यों गुमशुदा हूंई भारत की पहली वनस्पति शास्त्री जानकी अम्माल जिन्होंने गन्ने को मीठा बनाया

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Ravi Gangwar  “पहली भारतीय महिला वनस्पतिशास्त्री” के रूप में, जानकी अम्माल ने एक ऐसी पादप वैज्ञानिक के रूप में विरासत छोड़ी, जिन्होंने कई संकर फसल प्रजातियाँ विकसित कीं, जो आज भी उगाई जाती हैं, जिनमें मीठे गन्ने की किस्में भी शामिल हैं। वनस्पतिशास्त्री जानकी अम्माल ने ही गन्ने में डाला था  मीठापन अगली बार जब आप अपनी कॉफ़ी में एक चम्मच चीनी डालें, तो भारत की पहली महिला वनस्पतिशास्त्री ई. के. जानकी अम्माल को याद करें, जो गन्ने को मीठा बनाने में अपने योगदान के लिए जानी जाती हैं। अग्रणी वैज्ञानिक को पादप प्रजनन, आनुवंशिकी और साइटोजेनेटिक्स पर अभूतपूर्व अध्ययनों का श्रेय भी दिया जाता है। वह 1977 में पद्म श्री प्राप्त करने वाली पहली महिला वैज्ञानिकों में से एक थीं। मूल रूप से केरल की रहने वाली अम्माल ने अमेरिका के सबसे बेहतरीन सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में से एक से पीएचडी करने के लिए लिंग और जाति की बाधाओं का मुकाबला किया। 20वीं सदी की शुरुआत में महिलाओं पर लगाई गई चुनौतियों के बावजूद, अम्माल ने दृढ़ता दिखाई और विज्ञान की दुनिया में तहलका मचा दिया। जबकि विज्ञान में अम्माल के योगदान ...

Communal violence bill 2011 यूपीए सरकार का खात्मा सरकार के इस बिल पर भी हुआ था खूब हंगामा

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रवि पटेल (Ravi Patel) सोनिया गांधी ने खुद किया था कांग्रेस का खात्मा   2011 में यूपीए सरकार के दौरान सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम बिल (Prevention of Communal Violence Bill 2011) पेश किया गया था. इस बिल को राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (National Advisory Council) ने तैयार किया था.  इस परिषद की अध्यक्ष सोनिया गांधी थी. सांप्रदायिक दंगों को रोकने के लिए लाए इस बिल का बीजेपी ने जबरदस्त विरोध किया था. बीजेपी का आरोप था कि इस बिल के जरिए सरकार धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है. बीजेपी ने इस बिल को सोनिया गांधी का काला कानून करार दिया था. बीजेपी का आरोप था कि सांप्रदायिक दंगा निवारण बिल 2011 देश की हिंदू आबादी के खिलाफ है. इस बिल को जानबूझकर मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति से तैयार किया गया है. इस बिल के प्रावधान ऐसे थे, जो साफतौर पर धर्म और जाति के आधार पर बंटवारा करने वाले थे. बिल में बहुसंख्यकों को माना था दंगा फैलाने का जिम्मेदार सांप्रदायिक दंगा निवारण बिल में समूहों का बंटवारा बहुसंख्यक आबादी और अल्पसंख्यक आबादी के आधार पर किया गया था. बिल में धार्मिक, जातीय और भाषाई आधार पर ...

सावन 2025: बरेली का अलखनाथ मंदिर जिसे मुगल भी नहीं तोड़ पाए, होती है भगवान शिव की पूजा

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Ravi Patel   बरेली में सात नाथ मंदिर हैं. इन सातों नाथ मंदिरों की अलग-अलग विशेषताएं है. इनमें से सबसे प्राचीन मंदिर अलखनाथ भी है. यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. देश की राजधानी दिल्ली और प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 250 किलोमीटर की दूरी पर बसा नाथ नगरी से पहचाना जाने वाला शहर बरेली मंदिरों के नाम से भी एक अलग स्थान और एक अलग पहचान रखता है. बरेली में सात नाथ मंदिर हैं. इन सातों नाथ मंदिरों की अलग-अलग विशेषताएं हैं. इनमें से सबसे प्राचीन मंदिर अलखनाथ भी है. यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. मान्यता है कि अलखनाथ मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भक्तों का कल्याण और उनकी सारी मुराद पूरी हो जाती है. बता दें कि मंदिर का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है. यहां दूरदराज से भक्त आकर पूजा-अर्चना करते हैं और भोले बाबा से अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं. अलखनाथ मंदिर में बरगद के पेड़ में स्वयंभू भगवान शंकर का शिवलिंग है. मंदिर में प्रवेश करने से पहले ही 51 फिट ऊंची विशाल हनुमान जी की मूर्ति लगी हुई है. मूर्ति के दर्शन करने से लोगों के संकट दूर हो जाते हैं. सावन के मह...

बरेली के 7 नाथ प्रसिद्ध मंदिर जहां स्वयं विराजमान हैं भगवान शंकर 7 famous temples of Bareilly where Lord Shankar himself resides

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Ravi Patel नमस्कार मित्रो कैसे है आप आशा करते है आप सभी बहुत अच्छे होंगे मित्रो अगर आप बरेली शहर में रहते है तो आपको जरूर पता होगा कि हमारे बरेली शहर को क्यों नाथ नगरी क्यों कहा जाता है अगर आपको फिर भी नहीं मालूम तो आज के इस लेख में हम आपको बताएँगे कि बरेली के 7 नाथ प्रसिद्ध मंदिर जहा स्वय विराजमान है भगवान शंकर। देश की राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 250 किलोमीटर दूर स्थित हमारा बरेली शहर नाथ नगरी के नाम से विख्यात है। बरेली शहर को नाथ नगरी कहने के पीछे की अपनी धार्मिक मान्यताएं हैं। बरेली शहर के चारों दिशाओं में भगवान भोलेनाथ के सात प्राचीन नाथ मंदिर हैं। जिससे बरेली शहर का एक नाम सप्तनाथ नगरी भी  है। बरेली शहर में स्थित 7 नाथ मंदिर होने के कारन भगवान शिव के यह सात मंदिर के अपने-अपने पौराणिक महत्व हैं और तो और प्रत्येक मंदिर से एक पुरातन कहानी जुड़ी है। कई सौ साल से लेके आजतक तक, इन मंदिरों से हर शिवभक्त की आस्था जुड़ी है। जहा एक तरफ सावन में उत्तराखंड के हरिद्वार, उत्तर प्रदेश के कछला और गढ़मुक्तेशगवर से गंगा जल लाकर इन मंदिरों में भगवान शिव को चढ़ाया जाता ह...

कुर्मी कुल गौरव विनय कटियार राजनीतिज्ञ और भारत में हिंदू राष्ट्रवादी संगठन बजरंग दल के संस्थापक अध्यक्ष

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Ravi Patel   कुर्मी कुल गौरव विनय कटियार  (जन्म 11 नवंबर 1954)  [  1  ]  एक राजनीतिज्ञ और  भारत  में  हिंदू राष्ट्रवादी संगठन  विश्व हिंदू परिषद (VHP) की युवा शाखा  बजरंग दल  के संस्थापक  अध्यक्ष हैं। उन्होंने  भारतीय जनता पार्टी  (भाजपा) के अखिल भारतीय महासचिव  और  लोकसभा  और  राज्यसभा  दोनों में  संसद सदस्य  के रूप में कार्य किया है । अयोध्या मंदिर आंदोलन की शुरुआत भी विनय कटियार ने ही की थी। उन्होंने अग्रणी नेता की पूरी भूमिका निभाई थी। विनय कटियार संसद सदस्य, राज्य सभा कार्यकाल 3 अप्रैल 2006 – 2 अप्रैल 2018 इससे पहले जनेश्वर मिश्र इसके द्वारा सफल हुआ कांता कर्दम निर्वाचन क्षेत्र उत्त र प्रदेश। संसद सदस्य, लोक सभा कार्यकाल 10 अक्टूबर 1999 – 6 फ़रवरी 2004 इससे पहले मित्रसेन यादव इसके द्वारा सफल हुआ मित्रसेन यादव निर्वाचन क्षेत्र फैजाबाद (अयोध्या) कार्यकाल 20 जून 1991 – 10 मार्च 1998 इससे पहले मित्रसेन यादव इसके द्वारा सफल हुआ मित्रसेन यादव निर्वाचन क्षेत्र फैजाबाद (अयोध्या) ...