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गंगवंश और काकतीय वंश (कुर्मियों) द्वारा बनाए गए भव्य मंदिर तथा कुछ कुर्मी राजाओं और नेताओं की सूची

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Ravi Gangwar  अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा , भारत  का एक जातीय संगठन है जिसकी स्थापना  कुर्मी  क्षत्रिय समाज के हितों को बढ़ावा देने के लिए सन् 1910 ई में की गयी थी। [ 1 ] [ 2 ] [ 3 ] इस संगठन में  कुर्मी , कुनबी,  कुणबी ,  पटेल - पाटीदार ,  कापू ,  कम्मा , वेलमा,  रेड्डी ,  नायडू , सचान, कटियार, गंगवार, कुनबी- मराठा ,  कुलमी , कुम्भी, कुडुम्बी, कुडुम्बर,  वोक्कालिन्ग ,  जयसवार  /जैसवार,  गौड़ /गौर, बैस/बैसवार, चनऊ, कनौजिया समसवार, बरगैया/बरगईया, घमैला,  कोचैसा , अवधिया, पटनवार,  सैंथवार -मॉल, दोजवार,  (महतो) , मनवा, दिल्लिवार, चंद्राकार, चंद्रनाहू,  खंडायत , अथरिया,  वर्मा  चंद्रवंशी ( चंदेल ),समस्वर (चंद्रवंशी) आदि जातियों के लोग सम्मिलित है। इस संगठन के अधिवेशनों में  कोल्हापुर  के  शाहू जी महाराज  जैसे राष्ट्रनायकों की उपस्थिति रही है। इसका स्थापना 1894 ई में ही माना जाता है। जिसका नायक कैप्टन रामाधीन सिंह जी थे, जो की एक पुलिस अधिकारी थे। [ 4 ] ये ...

Pulwama Terror Attack: पुलवामा आतंकवादी हमले की कहां पहुंची जांच?

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Ravi Patel   Pulwama Terror Attack Investigation: 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे. 20 फरवरी को NIA ने इसकी जांच शुरू की. NIA की चार्जशीट में पाकिस्तान और जैश के सरगना मसूद अजहर का नाम है. पुलवामा अटैक में 40 जवान हुए थे शहीद श्रीनगर-जम्मू हाईवे से गुजर रहा था काफिला आतंकी ने विस्फोटक से भरी गाड़ी टकरा दी थी Pulwama Terror Attack Investigation: जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को हुए आतंकी हमले को आज तीन साल पूरे हो गए हैं. उस हमले में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल अहमद डार ने 350 किलो विस्फोटक से भरी SUV बस से भिड़ा दी थी. इस हमले में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के 40 जवान शहीद हो गए थे.  आतंकी आदिल अहमद डार ने ये हमला उस समय किया था, जब CRPF का काफिला श्रीनगर-जम्मू हाईवे से गुजर रहा था. पूरे काफिल में 78 गाड़ियां थीं, जिनमें 2,547 जवान सवार थे. जवानों का काफिला जब पुलवामा में आया तो आतंकी ने विस्फोटक से भरी SUV बस से भिड़ा दी. इससे बस के परखच्चे उड़ गए. कश्मीर में 30 साल से जारी...

इन आठ पहलुओं पर समझिए मोदी सरकार और मनमोहन सरकार में कौन बेहतर?

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Ravi Patel   भारत ने पिछले तीन दशकों में विकास के हर पहलू पर दुनिया को अपनी क्षमता का एहसास कराया है. एक बड़ी आबादी को गरीबी से मुक्त करने से लेकर हर व्यक्ति तक बैंक खाता, शौचालय, बिजली कनेक्शन आदि जैसी सुविधाएं आज भारत को विश्व का एक प्रमुख सामाजिक और आर्थिक केंद्र बना रही हैं. 1991 की नई आर्थिक नीति ने भारत के लिए एक दरवाजा खोला, और समय के साथ यह दरवाजा और विस्तृत होता गया. इस दौरान देश में सरकारों का परिवर्तन हुआ, लेकिन जनता के हित में सार्वजनिक प्रशासनिक नीतियाँ निरंतर जारी रहीं. 30 मई को मोदी सरकार के नौ वर्ष पूरे होने वाले हैं. 2014 में नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को उसके इतिहास की एक बड़ी हार दी थी. उस समय आर्थिक स्थिति और नेतृत्व शैली एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना था. आज, जब मोदी सरकार के नौ वर्ष पूरे हो रहे हैं तो पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की तुलना का यह सबसे उचित समय है. बड़ी आबादी को गरीबी से मुक्त करने से लेकर हर व्यक्ति तक बैंक खाता, शौचालय, बिजली कनेक्शन आदि जैसी सुविधाएं भारत को विश्व का एक प्रमुख सामाजिक और आर्थिक केंद्र बना रही हैं. मो...

जंगल मे टाइगर ने एक फैक्ट्री डाली🐅 उसमे एकमात्र वर्कर एक चींटी🐜

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Ravi Patel जंगल मे टाइगर ने एक फैक्ट्री डाली🐅 उसमे एकमात्र वर्कर एक चींटी थी जो समय से आती जाती थी और फैक्ट्री का सारा काम अकेले करती थी🐜 टाइगर का बिजनेस बहुत ही व्यवस्थित ढंग से चल रहा था। एक दिन टाइगर ने सोचा ये अकेली चींटी इतना सुंदर काम कर रही है अगर इसको किसी एक्सपर्ट के अंडर में रख दूँ तो और बेहतर काम कर सकती है। ये खयाल मन मे आते ही टाइगर ने एक मधुमक्खी को प्रोडक्शन मैनेजर अपॉइंट कर दिया।🐝 मधुमक्खी को कार्य का बहुत अनुभव था और वह रिपोर्ट्स लिखने में भी बहुत होशियार थी। मधुमक्खी ने टाइगर से कहा कि सबसे पहले हमें चींटी का वर्क शेड्यूल बनाना है फिर उसका सारा रिकार्ड प्रोपरली रखने के लिए मुझे एक सेक्रेटरी चाहिए होगा। टाइगर ने खरगोश को सेक्रेटरी के रूप में अपॉइंट कर दिया।🐇 टाइगर को मधुमक्खी का कार्य पसंद आया उसने कहा कि चींटी के अब तक कंप्लीट हुए सारे कार्य की रिपोर्ट दो और जो प्रोग्रेस हुई है उसको ग्राफ से शो करो। मधुमक्खी ने कहा ठीक है मगर मुझे इसके लिए कंप्यूटर,लेज़र प्रिंटर और प्रोजेक्टर चाहिए होगा🖥📽🖨 इस सबके लिए टाइगर ने एक कंप्यूटर डिपार्टमेंट बना दिया और बिल्ली को वहां क...

"हिन्दू" शब्द का उद्गम –हिंदू हृदय सम्राट रवि गंगवार

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रवि गंगवार हिन्दू"* शब्द का उद्गम:– हिंदू शब्द का उद्गम हिंदुओं के ऋग्वेद सहित कई ग्रंथों में हुआ है जो निम्न प्रकार हैं ll हीनं दुष्यति इति हिन्दूः से हुआ है। *अर्थात* जो अज्ञानता और हीनता का त्याग करे उसे हिन्दू कहते हैं। 'हिन्दू' शब्द, करोड़ों वर्ष प्राचीन, संस्कृत शब्द से है! यदि संस्कृत के इस शब्द का सन्धि विछेदन करें तो पायेंगे .... *हीन+दू* = हीन भावना + से दूर *अर्थात* जो हीन भावना या दुर्भावना से दूर रहे, मुक्त रहे, वो हिन्दू है ! हमें बार-बार, सदा झूठ ही बतलाया जाता है कि हिन्दू शब्द मुगलों ने हमें दिया, जो *"सिंधु" से "हिन्दू"* हुआ l *हिन्दू शब्द की वेद से ही उत्पत्ति है !* जानिए, कहाँ से आया हिन्दू शब्द, और कैसे हुई इसकी उत्पत्ति ? हमारे "वेदों" और "पुराणों" में *हिन्दू शब्द का उल्लेख* मिलता है। आज हम आपको बता रहे हैं कि हमें हिन्दू शब्द कहाँ से मिला है! "ऋग्वेद" के *"ब्रहस्पति अग्यम"* में हिन्दू शब्द का उल्लेख इस प्रकार आया हैं :- *“हिमलयं समारभ्य*  यावत इन्दुसरोवरं ।* *तं देवनिर्मितं देशं*  हिन्दुस्था...

6 जनवरी 1989 : माननीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के हत्यारों को दी गई थी फांसी, दो बॉडीगार्ड्स ने की थी हत्या : खालिस्तानियों पर की थी पीएम ने कार्रवाई

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  6 जनवरी   1989 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के दोषियों सतवंत सिंह और केहर सिंह को फांसी दी गई थी। इंदिरा गांधी के दो बॉडीगार्ड्स, बेअंत सिंह और सतवंत सिंह, ने 31 अक्टूबर 1984 को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। ये दोनों इंदिरा द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' से कथित तौर पर नाराज थे। इस हत्याकांड में एक तीसरा शख्स भी शामिल था, जिसका नाम था केहर सिंह। केहर, हालांकि, इंदिरा पर गोली चलाने में शामिल नहीं था, लेकिन उसे इस हत्या के साजिश रचने का दोषी पाया गया था। बेअंत सिंह को इंदिरा पर गोलियां चलाने के बाद उनके सुरक्षाकर्मियों ने वहीं ढेर कर दिया था। इंदिरा के दो बॉडीगार्ड्स ने की थी उनकी हत्या 31 अक्टूबर 1984 को सुबह करीब 9 बजे इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री कार्यालय से बाहर निकलीं। इंदिरा गांधी अधिकारियों से चर्चा कर रही थीं। तभी अचानक उनकी सुरक्षा में तैनात सिक्योरिटी गार्ड बेअंत सिंह ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से इंदिरा गांधी पर तीन गोलियां चलाईं। बेअंत सिंह ने उनसे थोड़ी ही दूर पर खड़े सतवंत सिंह से चिल्लाकर कहा- ‘देख क्या रहे हो? गोली चलाओ।’ सतवंत ने तुरंत अपनी ऑटो...

समझे मानसिक युद्ध कूटनीति सावधान नायक पर विश्वास रखे दिशा भ्रम जैसे ही सत्य भ्रम फैलाया जाता है जिससे भ्रम भी सत्य लगता है राष्ट्रवादियों सावधान अपने नायक का 2027 में गिर साथ दे हमारे इतिहास के साथ यही षड़यंत्र रचा जा रहा है

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  किसी भी देश का मूर्ख विपक्ष या फिर पैसे पर बिका हुआ दलाल विपक्ष एक जीती हुई युद्ध को कैसे हरा देता है वह ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच हुए फॉकलैंड युद्ध से पूरी दुनिया जान गई है फॉकलैंड अर्जेंटीना से लगा हुआ विशाल द्वीप समूह है जो ब्रिटेन का उपनिवेश है जैसे भारत से लगा हुआ अंडमान है लेकिन अंग्रेज भारत से जाते-जाते अंडमान को भारत के हवाले कर गए लेकिन अंग्रेजों ने फॉकलैंड पर कब्जा बरकरार रखा  फिर 80 के दशक में अर्जेंटीना ने फॉकलैंड को अपना दीप समूह घोषित कर दिया और फॉकलैंड पर हमला करके वहां ब्रिटिश आर्मी को तबाह कर दिया क्योंकि यह युद्ध अर्जेंटीना के पास लड़ा जा रहा था इसलिए इस युद्ध में अर्जेंटीना पलड़ा बहुत भारी था ब्रिटेन की प्रधानमंत्री उस वक्त मार्गेट थैचर थी  अर्जेंटीना ने अपने एक विशाल युद्धपोत को समुद्र में एक गुप्त ठिकाने पर रखा हुआ था और वहां से वह ब्रिटिश जहाजों पर मिसाइल से हमला कर रहा था इस युद्ध में ब्रिटेन लगभग हार गया था  तभी ब्रिटेन के एक मिलिट्री एडवाइजर ने मार्गेट थैचर से कहा कि आप मीडिया में अपने मंत्री के द्वारा एक खबर चलाइए कि हम ने अर्जेंटीना के...

जानें, क्यों हवन में होता है आम की ही लकड़ी का उपयोग

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  देखें अमेज़न पर मेगा इलेक्ट्रॉनिक दिवस - लैपटॉप, स्मार्टवॉच आदि पर 80% तक की छूट पाएं डील देखें अमेज़न वार्डरोब रिफ्रेश सेल- फैशन और सौंदर्य उत्पादों पर 50-70% की छूट डील देखें फ्रांस  के ट्रेले नामक वैज्ञानिक ने हवन पर रिसर्च की, जिसमें उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि आखिर हवन में आम की लकड़ियों का ही प्रयोग क्यों किया जाता है? रिसर्च में सामने आया कि जब आम की लकड़ी जलती है तो फ़ॉर्मिक एल्डिहाइड नामक गैस उत्पन्न होती है। जो कि खतरनाक बैक्टीरिया और जीवाणुओं को मारती है तथा वातावरण को शुद्ध करती है। इस रिसर्च के बाद ही वैज्ञानिकों को इस गैस और इसे बनाने का तरीका पता चला। गुड़ को जलाने पर भी ये गैस उत्पन्न होती है। वैज्ञानिक टौटीक ने हवन पर की गयी अपनी रिसर्च में पाया कि यदि आधे घंटे हवन में बैठा जाए अथवा हवन के धुएं से शरीर का संपर्क हो तो टाइफाइड जैसे खतरनाक रोग फैलानेवाले जीवाणु भी मर जाते हैं और शरीर शुद्ध हो जाता है। मंगल भवन के आचार्य भास्कर आमेटाजी बताते है कि हवन की महत्ता देखते हुए राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ के वैज्ञानिकों ने भी इस पर एक रिसर्च की। क्या वा...