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Communal violence bill 2011 यूपीए सरकार का खात्मा सरकार के इस बिल पर भी हुआ था खूब हंगामा

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रवि पटेल (Ravi Patel) सोनिया गांधी ने खुद किया था कांग्रेस का खात्मा   2011 में यूपीए सरकार के दौरान सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम बिल (Prevention of Communal Violence Bill 2011) पेश किया गया था. इस बिल को राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (National Advisory Council) ने तैयार किया था.  इस परिषद की अध्यक्ष सोनिया गांधी थी. सांप्रदायिक दंगों को रोकने के लिए लाए इस बिल का बीजेपी ने जबरदस्त विरोध किया था. बीजेपी का आरोप था कि इस बिल के जरिए सरकार धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है. बीजेपी ने इस बिल को सोनिया गांधी का काला कानून करार दिया था. बीजेपी का आरोप था कि सांप्रदायिक दंगा निवारण बिल 2011 देश की हिंदू आबादी के खिलाफ है. इस बिल को जानबूझकर मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति से तैयार किया गया है. इस बिल के प्रावधान ऐसे थे, जो साफतौर पर धर्म और जाति के आधार पर बंटवारा करने वाले थे. बिल में बहुसंख्यकों को माना था दंगा फैलाने का जिम्मेदार सांप्रदायिक दंगा निवारण बिल में समूहों का बंटवारा बहुसंख्यक आबादी और अल्पसंख्यक आबादी के आधार पर किया गया था. बिल में धार्मिक, जातीय और भाषाई आधार पर ...

सावन 2025: बरेली का अलखनाथ मंदिर जिसे मुगल भी नहीं तोड़ पाए, होती है भगवान शिव की पूजा

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Ravi Patel   बरेली में सात नाथ मंदिर हैं. इन सातों नाथ मंदिरों की अलग-अलग विशेषताएं है. इनमें से सबसे प्राचीन मंदिर अलखनाथ भी है. यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. देश की राजधानी दिल्ली और प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 250 किलोमीटर की दूरी पर बसा नाथ नगरी से पहचाना जाने वाला शहर बरेली मंदिरों के नाम से भी एक अलग स्थान और एक अलग पहचान रखता है. बरेली में सात नाथ मंदिर हैं. इन सातों नाथ मंदिरों की अलग-अलग विशेषताएं हैं. इनमें से सबसे प्राचीन मंदिर अलखनाथ भी है. यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. मान्यता है कि अलखनाथ मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भक्तों का कल्याण और उनकी सारी मुराद पूरी हो जाती है. बता दें कि मंदिर का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है. यहां दूरदराज से भक्त आकर पूजा-अर्चना करते हैं और भोले बाबा से अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं. अलखनाथ मंदिर में बरगद के पेड़ में स्वयंभू भगवान शंकर का शिवलिंग है. मंदिर में प्रवेश करने से पहले ही 51 फिट ऊंची विशाल हनुमान जी की मूर्ति लगी हुई है. मूर्ति के दर्शन करने से लोगों के संकट दूर हो जाते हैं. सावन के मह...

बरेली के 7 नाथ प्रसिद्ध मंदिर जहां स्वयं विराजमान हैं भगवान शंकर 7 famous temples of Bareilly where Lord Shankar himself resides

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Ravi Patel नमस्कार मित्रो कैसे है आप आशा करते है आप सभी बहुत अच्छे होंगे मित्रो अगर आप बरेली शहर में रहते है तो आपको जरूर पता होगा कि हमारे बरेली शहर को क्यों नाथ नगरी क्यों कहा जाता है अगर आपको फिर भी नहीं मालूम तो आज के इस लेख में हम आपको बताएँगे कि बरेली के 7 नाथ प्रसिद्ध मंदिर जहा स्वय विराजमान है भगवान शंकर। देश की राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 250 किलोमीटर दूर स्थित हमारा बरेली शहर नाथ नगरी के नाम से विख्यात है। बरेली शहर को नाथ नगरी कहने के पीछे की अपनी धार्मिक मान्यताएं हैं। बरेली शहर के चारों दिशाओं में भगवान भोलेनाथ के सात प्राचीन नाथ मंदिर हैं। जिससे बरेली शहर का एक नाम सप्तनाथ नगरी भी  है। बरेली शहर में स्थित 7 नाथ मंदिर होने के कारन भगवान शिव के यह सात मंदिर के अपने-अपने पौराणिक महत्व हैं और तो और प्रत्येक मंदिर से एक पुरातन कहानी जुड़ी है। कई सौ साल से लेके आजतक तक, इन मंदिरों से हर शिवभक्त की आस्था जुड़ी है। जहा एक तरफ सावन में उत्तराखंड के हरिद्वार, उत्तर प्रदेश के कछला और गढ़मुक्तेशगवर से गंगा जल लाकर इन मंदिरों में भगवान शिव को चढ़ाया जाता ह...